Updated Date: November 18, 2025
Bitcoin Scam में Raj Kundra के खिलाफ ED ने फ़ाइल की चार्जशीट
भारत में एक बार फिर क्रिप्टो से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। Enforcement Directorate (ED) ने Bollywood Actress Shilpa Shetty के पति, Businessman Raj Kundra के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए चार्जशीट दाखिल की है। उन पर आरोप है कि वे करीब 285 Bitcoins, जिनकी उस समय में कीमत लगभग ₹150.47 करोड़ थी, के मालिक और लाभार्थी हैं। यह मामला ₹6,606 Cr GainBitcoin Ponzi Scam से जुड़ा हुआ है, जिसका मास्टरमाइंड दिवंगत Amit Bhardwaj था। आरोपों के मुताबिक, राज कुंद्रा ने न सिर्फ इन Bitcoins को छुपाया बल्कि सबूत भी मिटाने की कोशिश की।

Source – यह इमेज Bitinning की X Post से ली गई है।
ED की चार्जशीट बताती है कि Gain Bitcoin Ponzi Scheme के मास्टरमाइंड Amit Bhardwaj ने राज कुंद्रा को 285 Bitcoins दिए थे। इसका उद्देश्य यूक्रेन में Bitcoin Mining Farm सेटअप करना था। लेकिन जब यह डील आगे नहीं बढ़ी, तब भी राज कुंद्रा के पास यह BTC कब्जे में बने रहे।
ED का दावा है कि यह Bitcoin Scam निवेशकों को बेवकूफ बनाकर खड़ा किया गया था। कंपनी Variable Tech Private Limited और भारद्वाज परिवार के सदस्यों ने निवेशकों से भारी रकम ली और वादा किया कि बिटकॉइन माइनिंग में लगाए जाएंगे। लेकिन असलियत में इन Coins को Obscure Wallets में छिपा लिया गया। Raj Kundra पर आरोप है कि उन्होंने खुद को केवल “मीडिएटर” बताया, जबकि चार्जशीट के अनुसार वे असल में लाभार्थी थे।
चार्जशीट में साफ लिखा है कि राज कुंद्रा ने अपने बयानों में विरोधाभास पेश किए। वे बार-बार इस बात पर जोर देते रहे कि वे केवल बीच के आदमी थे, लेकिन “Term Sheet” नामक समझौता सीधे तौर पर उनकी भूमिका को उजागर करता है। इतना ही नहीं, ED का कहना है कि Kundra को आज भी याद है कि Bitcoins उन्हें 5 अलग-अलग ट्रांजैक्शन्स में मिले थे। यह तथ्य बताता है कि वे खुद मालिक थे, न कि सिर्फ मीडिएटर।
इसके अलावा, ED का आरोप है कि राज कुंद्रा ने अपने iPhone X के खराब होने का बहाना बनाकर बिटकॉइन वॉलेट एड्रेस की जानकारी नहीं दी। एजेंसी का मानना है कि यह सबूत मिटाने और फंड्स को छुपाने की सोची-समझी कोशिश थी। साथ ही, यह भी कहा गया कि उन्होंने अपनी पत्नी Shilpa Shetty के साथ एक लेन-देन किया, जो मार्केट प्राइस से काफी नीचे था, ताकि इन Bitcoin को “Untainted” दिखाया जा सके।
इस बिटकॉइन स्कैम ने हजारों निवेशकों को प्रभावित किया, जिन्होंने भारी रिटर्न की उम्मीद में पैसे लगाए थे। ED का मानना है कि ये बिटकॉइन माइनिंग के लिए इस्तेमाल होने थे, लेकिन असलियत में इन्हें निजी लाभ के लिए छुपाया गया। निवेशकों के भरोसे को गहरी चोट लगी है और एक बार फिर भारतीय क्रिप्टो इंडस्ट्री की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं।
यह मामला क्रिप्टोकरेंसी में ट्रांसपेरेंसी और रेगुलेशन की जरूरत को दर्शाता है। जब तक मजबूत फ्रेमवर्क और ऑडिट सिस्टम लागू नहीं होते, ऐसे स्कैम्स दोहराए जाते रहेंगे।
मैं पिछले 13 सालों से बतौर राइटर और 6 सालों से क्रिप्टो मार्केट में निवेशक होने के नाते कह सकता हूं कि यह केस कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ी समस्या है कि भारत में अब तक क्रिप्टो एसेट्स को लेकर स्पष्ट और सख्त रेगुलेशन नहीं बने। इसका फायदा उठाकर स्कैमस्टर्स निवेशकों को ठग लेते हैं।
Raj Kundra का नाम पहले भी विवादों में रहा है और अब इस Bitcoin Scam में उनकी भूमिका सामने आने से क्रिप्टो कम्युनिटी में असमंजस की स्थिति पैदा हुई है। मेरा मानना है कि अगर कोई सेलिब्रिटी या बड़ा बिजनेसमैन इस तरह के आरोपों में शामिल होता है, तो उससे क्रिप्टोकरेंसी पर से जनता का भरोसा और भी डगमगाता है।
Raj Kundra पर ED का शिकंजा भारतीय क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सबक है। यह मामला दिखाता है कि बिना रेगुलेशन और ट्रांसपेरेंसी के, निवेशकों की सुरक्षा खतरे में रहती है। 285 Bitcoins की कीमत भले ₹150 करोड़ हो, लेकिन असल नुकसान उन निवेशकों का है जिनका भरोसा टूटा है।
भविष्य में जरूरी है कि भारत सरकार क्रिप्टो के लिए स्पष्ट कानून और सख्त निगरानी लागू करे। तभी इस तेजी से बढ़ते मार्केट को “भरोसेमंद” बनाया जा सकेगा। वरना ऐसे Bitcoin Scam निवेशकों की मेहनत की कमाई को निगलते रहेंगे और क्रिप्टो सेक्टर की छवि खराब करेंगे।
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