Mahadev Online Betting News: ईडी ने Crypto से जुड़े रहस्य खोले

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Mahadev Online Betting: ईडी ने Crypto नेटवर्क का खुलासा किया

Mahadev Online Betting मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच का दायरा और बढ़ाने निर्णय लिया है। पुलिस द्वारा 26 फरवरी 2026 को रायपुर के राजेंद्र नगर थाने में क्रिप्टोकरेंसी और जुआ एक्ट के तहत दर्ज शिकायत की डायरी को ईडी ने तलब किया है। 


जांच एजेंसी के अनुसार Mahadev Online Betting मामले में जल्द ही नया मुकदमा (ECIR) दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग विषयक धाराओं के तहत सट्टा, हवाला और Crypto Network की गहन जांच शुरू की जाएगी। मामले में पुलिस और ईडी के बीच आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों, अंतरराष्ट्रीय फण्ड भेजने और भू‑राजनीतिक लेन‑देन के रुट की पड़ताल जारी है।

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Source: X Account


सट्टा से हवाला तक, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और ट्रांजेक्शंस

ईडी की जांच में सामने आया कि, Mahadev Online Betting मामले में पकड़े गए आरोपियों ने लगभग 46,500 USDT (Tether) अवैध रूप से विदेश भेजे हैं। भारतीय रुपये में इसकी कीमत लाखों में होती है। इसके अलावा उनके खातों की भी जाँच की गई, जिसमें करीब ₹2 करोड़ से अधिक के लेन‑देन और करोड़ों रुपये के Foreign Investment की जानकारी भी मिली, जिससे उनके अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क का पूरा पैमाना स्पष्ट हुआ।


पुलिस के अनुसार कोरबा निवासी Pratik Widowani और सटोरिया सैंकी दवेड़ा ने मिलकर सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क संचालित किया। प्रारंभ में प्रतीक पैनल लेकर सट्टा चलाता था, पर बाद में उसने प्रमुख सट्टा प्रमोटरों, Saurabh Chandrakar, Ravi Uppal और Shubham Soni के साथ जुड़कर Mahadev Online Betting नेटवर्क को और विस्तारित किया।


इन लोगों ने सट्टेबाजी के पैनल विभिन्न राज्यों में बेंचे, विशेषकर दक्षिण और पश्चिमी राज्यों में, और आईपीएल के दौरान और भी अधिक पैनल डिस्ट्रीब्यूट किए गए। एक सट्टा पैनल की कीमत ₹35 से ₹40 लाख तक बताई गई है।


विशेष रूप से, अब केवल सट्टेबाजी का पैनल ही नहीं दिया जा रहा, बल्कि वहीं पैनल फाइनेंशियल हवाला नेटवर्क का भी साधन बन रहा है, जिसमें इन्वेस्टर्स को 10 से 15 प्रतिशत तक मुनाफा का लालच देकर निवेश करवाया जा रहा है।


चाइनीज ऐप, क्यूआर लेन‑देन और दुबई तक हवाला

Mahadev Online Betting जांच में यह भी पता चला है कि, गिरोह वसूली और ट्रांजेक्शन्स के लिए चाइनीज मोबाइल एप्स का उपयोग कर रहा था जिनमें बैंक खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से फण्ड भेजा जा रहा था। इन एप्स की मदद से भेजे गए ट्रांजेक्शनों का पता लगाना कठिन हो जाता है, जिससे सट्टा‑हवाला नेटवर्क काफी समय तक सामने नही आ पता है।


Mahadev Online Betting के मुख्य आरोपी Pratik के पास एक प्रकार की बैलेंस शीट शैली की व्यवस्था थी जिसमें दैनिक वसूली और देनदारी का विवरण होता था। प्रतीक सीधे दुबई में बैठे सहयोगियों को क्यूआर कोड भेजता था, जिनके माध्यम से कस्टमर और एजेंट सट्टेबाजी का पैसा जमा करते थे।


इसके बाद यह धन डॉलर ब्रोकर के माध्यम से दुबई स्थित हवाला नेटवर्क में भेजा जाता था। इस पूरे नेटवर्क में भारत के अनेक राज्यों के अलावा विदेश भी शामिल हैं, जिससे Mahadev Online Betting मामला अब केवल सट्टेबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह International Money Laundering का रूप ले चुका है।


क्या आगे होने वाला है?

ईडी अब Mahadev Online Betting जैसे मामले में क्राइम ब्रांच और राजेंद्र नगर थाना से प्राप्त जानकारी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग प्रतिबंध (PMLA) के तहत स्वतः संज्ञान लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। पुलिस से प्राप्त डायरी और सबूतों के आधार पर गिरोह के खिलाफ आपराधिक साजिश (धारा 120बी) और जालसाजी (धारा 318) जैसी धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि Speculation‑Hawala‑Crypto Network के सभी आर्थिक और विधिक आयामों का समुचित मूल्यांकन हो।


कन्क्लूजन

इस मामले से स्पष्ट होता है कि, Mahadev Online Betting सिर्फ स्थानीय जुआ नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय हवाला‑क्रिप्टो नेटवर्क से जुड़ा हुआ बहुत बड़ा गिरोह है। ईडी की गहन जांच और PMLA के तहत कार्रवाई से गिरोह की वित्तीय और Criminal Activities पर नियंत्रण रखा जाएगा, जिससे भारत और विदेश में फैले सट्टा‑हवाला नेटवर्क को समाप्त करने में मदद मिलेगी।


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डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल Informational Purpose के लिए लिखा गया है और इसे Financial Advice नहीं माना जाना चाहिए। क्रिप्टोकरेंसी अत्यधिक वोलैटाइल और जोखिमपूर्ण एसेट्स होते हैं। इन्वेस्टमेंट करने से पहले खुद रिसर्च करें



लेखक परिचय
Niharika Singh Research Analyst

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उन्हें मीडिया और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5 से अधिक वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे देश के प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। इस व्यापक अनुभव ने उन्हें जटिल से जटिल विषयों को भी सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ प्रदान की है।

क्रिप्टो इंडस्ट्री में निहारिका ने खुद को एक विश्वसनीय लेखक के रूप में स्थापित किया है। वे Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे तकनीकी विषयों को आम पाठकों की भाषा में सहजता से पहुंचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO ऑप्टिमाइज़ेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है, जिसके चलते उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शानदार प्रदर्शन करता है। निहारिका से LinkedIn के माध्यम से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

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Mahadev Online Betting एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफ़ॉर्म है, जो सट्टा, हवाला और क्रिप्टो नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
ईडी ने Mahadev Online Betting मामले में जांच का दायरा बढ़ाया और जल्द ही नया मुकदमा (ECIR) दर्ज करेगी।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने लगभग 46,500 USDT (Tether) अवैध रूप से विदेश भेजी।
अभियोक्ताओं के खातों की जांच में ₹2 करोड़ से अधिक के लेन‑देन और करोड़ों रुपये के विदेशी निवेश का पता चला।
मुख्य आरोपी Pratik Widowani और सटोरिया सैंकी दवेड़ा हैं, जिनके नेटवर्क में Saurabh Chandrakar, Ravi Uppal और Shubham Soni भी शामिल हैं।