Updated Date: April 7, 2026
क्रिप्टो जगत में हाल ही में BlackRock Treasure NFT Acquisition की खबर तेजी से वायरल हुई थी, जिसमें कहा गया था कि दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी BlackRock द्वारा Treasure NFT Acquisition कर लिया गया है।
इस खबर ने निवेशकों और एनएफटी समुदाय में हलचल मचा दी, लेकिन गहराई से जांच करने पर पता चला कि यह खबर पूरी तरह से फेक है। ना तो BlackRock ने कोई ऐसी डील की है और ना ही TreasureNFT की तरफ से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है। यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर फैलाई गई भ्रामक जानकारी का उदाहरण है, जिसका मकसद लोगों के बीच भ्रम फैलाना था।
BlackRock Treasure NFT Acquisition की इस झूठी खबर की शुरुआत एक एक्स अकाउंट से हुई जिसका नाम “Tuft Treasure Fun (@mauryaChan92120)” था। इस अकाउंट से की गई पोस्ट में दावा किया गया कि BlackRock ने ट्रेजर एनएफटी में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है और दोनों कंपनियां मिलकर एक नया NFT ट्रेडिंग इकोसिस्टम लॉन्च करने जा रही हैं। पोस्ट में एक “प्रेस रिलीज़” भी शेयर की गई जिसमें कई आधिकारिक शब्दों का इस्तेमाल कर इस खबर को असली दिखाने की कोशिश की गई।
लेकिन जब यूज़र्स ने TreasureNFT के ऑफिशियल हैंडल @TreasureNFTapp और BlackRock के अकाउंट की जांच की, तो पता चला कि दोनों में किसी ने भी इस खबर की पुष्टि नहीं की थी। इससे साफ हो गया कि Tuft TreasureFun नामक अकाउंट असली नहीं है, बल्कि यह एक फेक अकाउंट है जो प्रोजेक्ट की लोकप्रियता का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।
Source - X Post
इस अफवाह के वायरल होने के पीछे एक कारण यह भी माना जा रहा है कि हाल के समय में प्लेटफॉर्म से जुड़े कुछ अपडेट्स सामने आए थे, जिससे यूज़र्स का ध्यान दोबारा इस प्रोजेक्ट पर गया। ऐसे माहौल में फेक न्यूज फैलाना आसान हो जाता है, खासकर जब किसी बड़े ब्रांड का नाम जोड़ा जाए।
यह प्लेटफॉर्म बहुत ज्यादा रिटर्न (जैसे 500%+) का दावा करते हैं, लेकिन मार्केट अनुसार NFT मार्केट स्टेबल नही होता है, हर एसेट की वैल्यू अलग बदलती रहती है और लगातार इतना ज्यादा मुनाफा मिलना संभव भी नही माना जाता, इसलिए ऐसे दावों पर बिना जांच भरोसा करना रिस्क भरा हो सकता है। असली NFT प्लेटफॉर्म कैसे काम करते हैं? विश्वसनीय NFT प्लेटफॉर्म्स,जैसे OpenSea और Rarible,कुछ बेसिक सिद्धांतों पर काम करते हैं-
यूज़र अपने वॉलेट से सीधे कनेक्ट होते हैं
हर ट्रांजैक्शन वॉलेट से कन्फर्म होता है
फंड्स पर यूज़र का पूरा कंट्रोल रहता है
प्लेटफॉर्म पर ट्रांसपेरेंसी बनी रहती है
जांच के आधार पर यह स्पष्ट है कि BlackRock से जुड़ी कथित NFT डील की खबर फर्जी है वही 2026 के हालिया तथ्यों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म में पोंजी स्कीम जैसे सिग्नल , बार-बार रीब्रांडिंग, विड्रॉल में लगातार दिक्कतें, फेक न्यूज के द्वारा हाइप बनाना, बड़ी संख्या में यूज़र शिकायतें और ट्रांसपेरेंसी की कमी जैसी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं, इसलिए यह एक हाई-रिस्क और शक करने वाला निवेश विकल्प माना जा सकता है, जिसमें पैसा लगाने से पहले बेहद सावधानी और गहरी जांच जरूरी है।
जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर साफ है कि BlackRock से जुड़ी Treasure NFT डील की खबर पूरी तरह फर्जी थी, जिसे सोशल मीडिया के द्वारा फैलाकर निवेशकों को भ्रमित किया गया। इसके साथ ही 2026 के हालिया सिग्नल, जैसे असामान्य रिटर्न के दावे, बार-बार रीब्रांडिंग, विड्रॉल में दिक्कतें, बड़ी संख्या में यूज़र शिकायतें और पारदर्शिता की कमी इस प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं।
ऐसे में निवेशकों के लिए सबसे जरूरी है कि वे किसी भी वायरल खबर या बड़े वादे पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें और खुद रिसर्च करें।
डिस्क्लेमर
यह आर्टिकल केवल जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी भी प्रकार की वित्तीय सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले स्वयं रिसर्च करें और योग्य सलाहकार से परामर्श लें।
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