Indian Narcotics Control Bureau को बड़ी सक्सेस हाथ लगी है। एनसीबी ने मंगलवार को ट्विट कर इनफार्मेशन देते हुए बताया की,ऑपरेशन मेलन के अंडर देश के सबसे बड़े डार्कनेट ड्रग्स नेटवर्क के अगेंस्ट छापेमारी कर ‘Ketamelon’ को अरेस्ट कर लिया गया है।
इस एक्शन में अधिकारियों ने आरोपियों के पास से एक पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, कई क्रिप्टो वॉलेट और एक हार्डवेयर वॉलेट और 70 लाख रुपये की क्रिप्टोकरेंसी रिकवर्ड किया है, इसके अलावा Binance जैसे प्लेटफॉर्म पर भी आरोपी के वॉलेट मिले हैं, जिनकी जांच अभी चल रही है। यही नहीं Ketamelon की सप्लाई चेन इंटरनेशनल थी।

Source – NCB X Account
Narcotics Control Bureau ने गेट की बड़ी सक्सेस। एनसीबी कोचीन जोनल यूनिट ने लगातार सर्विलांस और जांच में 28 जून को तीन पार्सलों में से 280 LSD ब्लॉट्स पकड़े, इसके बाद NCB की कोच्चि टीम ने ऑपरेशन मेलन के अंडर 29 जून को देश के सबसे बड़े डार्कनेट ड्रग्स सेल करने वाले Ketamelon गैंग के अगेंस्ट रैड कर, ड्रग सिंडिकेट ‘Ketamelon’ को अरेस्ट कर लिया है।
इस एक्शन में अधिकारियों ने आरोपियों के पास से 70 लाख रुपये की USDT, 1,127 LSD ब्लॉटर्स, 131.66 ग्राम Ketamine और एक हार्डवेयर वॉलेट सिज़ किया है। इसके अलावा Binance जैसे प्लेटफॉर्म पर भी आरोपी के वॉलेट मिले हैं जिनकी जांच अभी चल रही है।
Ketamelon कोई आम ड्रग नेटवर्क नहीं था, बल्कि यह एक “Level 4 Vendor” के रूप में डार्कनेट पर एक्टिव एक संगठित गैंग था। इस गैंग ने अपनी शुरुआत ketamine की बिक्री से की थी, जिससे इसका नाम ‘Ketamelon’ पड़ गया। Ketamelon ने क्रिप्टोकरेंसी और डार्कनेट का इस्तेमाल कर खुद को लगभग अज्ञात बनाए रखा।
यह गिरोह Binance जैसे ग्लोबल क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी अकाउंट्स के ज़रिए ड्रग मनी का लेन-देन करता था, जिससे यह लंबे समय तक पुलिस की नज़रों से बचा रहा। हालांकि अब NCB (Narcotics Control Bureau) ने इस सिंडिकेट की चेन को ट्रेस करते हुए इन क्रिप्टो एकाउंट्स की भी जांच शुरू कर दी है। Ketamelon का भंडाफोड़ यह दिखाता है कि कैसे टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग संगठित अपराध को बढ़ावा दे सकता है और इसके खिलाफ साइबर फॉरेंसिक और इंटेलिजेंस की ज़रूरत कितनी अहम हो गई है।
Ketamelon की सप्लाई चेन इंटरनेशनल थी। यह गैंग यूके के एक सप्लायर ‘गैंग Din’ से LSD प्राप्त करता था, जो खुद एक ग्लोबल LSD नेटवर्क ‘Dr. Seuss’ से जुड़ा हुआ था। यह नेटवर्क न केवल भारत, बल्कि अन्य देशों में भी साइकेडेलिक ड्रग्स की सप्लाई करता था। इस पूरे केसेस में सबसे डराने वाली बात यह है कि Ketamelon जैसे गैंग अब साइबर क्राइम के फ्रंट पर काम कर रहे हैं। ये न तो रोड्स पर ओपेनली दिखाई देते हैं और न ही ट्रेडिशनल तरीकों से पकड़े जा सकते हैं। इनके अगेंस्ट सक्सेस पाने के लिए एजेंसियों को टेक्नोलॉजी फॉर्म्स से स्ट्रोंग होना होगा।
Ketamelon की गिरफ़्तारी यूथ के लिए एक चेतावनी है, जिस तरह से यह गैंग युवाओं को LSD जैसे नशे के Clutches में फंसा रहा था, वह चिंताजनक है। LSD एक ऐसा ड्रग है जो टेस्ट और स्मेल रहित होता है जो पेपर स्ट्रिप्स में आता है। इनोसेंट दिखने वाले युवा ट्रेंड या ‘कूलनेस’ के नाम पर आजमा बैठते हैं, जिसका मेंटल और फिजिकल इम्पैक्ट सीरियस हो सकता है।
Narcotics Control Bureau (NCB) की इस बड़ी एक्शन से यह क्लीन हो गया है कि, भारत में डार्कनेट पर चल रहे ड्रग्स नेटवर्क्स को एंड करने के लिए सीरियस स्टेप उठाए जा रहे हैं। Ketamelon का अरेस्टेड एक बड़ी जीत है, लेकिन यह भी Proved करता है कि साइबर दुनिया में छिपे ऐसे अपराधी कितने डेंजरस हो सकते हैं।
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